जीवन और प्रगति
Life And Progress
मानवजाति के जीवन में प्रगति के लिए एक व्यापक जीवन-व्यवस्था अपनाना आवश्यक है। सभी महान सभ्यताओं ने एक ऐसी मूल विचारधारा अपनाई थी, जिसके आधार पर जीवन के सभी मामलों का निर्णय किया जाता था और समस्याओं का समाधान खोजा जाता था। आज मानवजाति की स्थिति भी इससे भिन्न नहीं है। हमें अपनी परिस्थिति पर गहराई से विचार करना चाहिए और किसी भी जीवन-व्यवस्था को आँख मूँदकर स्वीकार नहीं करना चाहिए। तथ्य यह है कि आज विश्व में प्रचलित दो प्रमुख विचारधाराएँ, पूँजीवाद और साम्यवाद, बिना इस बात की गहन जाँच किए स्वीकार कर ली गई हैं कि वे किस आधार पर खड़ी हैं। क्या बीसवीं सदी का मनुष्य सोचता है कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र की अवधारणाओं का वास्तव में क्या अर्थ है? क्या मानवजाति अपने सभी कार्यों में 'स्वतंत्र' है?
For mankind to progress in life means a comprehensive way of life must be adopted. All of the great civilisations adopted an ideology against which all of life’s affairs were referred and problems solved. Mankind today is in no different a position. We must think deeply of our situation and not accept any way of life blindly. The facts are that the two dominant ideologies existent in the world today, Capitalism and Communism, have been accepted without any searching examination of the basis upon which they are built. Does twentieth century man think of what the concepts of freedom and democracy really mean. Is mankind 'free' in all actions?
लेकिन किसी न किसी प्रकार का नियंत्रणकारी प्रभाव तो होना ही चाहिए। तो फिर लोकतंत्र द्वारा किया जाने वाला नियंत्रण हमें कहाँ ले जाता है? क्या यह एक चुनी हुई अल्पसंख्या का नियंत्रण है, जिसे एक अनाम अभिजात वर्ग का समर्थन प्राप्त हो? तेज़ी से बिगड़ता पर्यावरण, अपराध में भारी वृद्धि, परिवार व्यवस्था का टूटना और लाभ तथा व्यक्तिवाद की स्वार्थी दौड़, ये सब मनुष्य-निर्मित व्यवस्थाओं के ही परिणाम हैं। धर्मनिरपेक्ष व्यवस्थाएँ दुरुपयोग के लिए खुली रहती हैं, और सच्चा नेतृत्व भी मनुष्य की सीमित समझ और जीवन के सीमित ज्ञान के सहारे मानवजाति का मार्गदर्शन नहीं कर सकता।