8. हिज़्ब उत-तहरीर
8. Hizb Ut-tahrir
हिज़्ब उत-तहरीर एक वैश्विक इस्लामी राजनीतिक दल है, जिसकी स्थापना 1953 में इसके संस्थापक - विद्वान, राजनीतिक चिंतक और अल-क़ुद्स (यरूशलम) में अपील न्यायालय के न्यायाधीश, तक़ीउद्दीन अन-नबहानी - के नेतृत्व में हुई थी। हिज़्ब उत-तहरीर के वैश्विक नेतृत्व की अध्यक्षता वर्तमान में अता अबू रिश्ता कर रहे हैं। मुस्लिम दुनिया में, हिज़्ब उत-तहरीर केवल एक राजनीतिक पद्धति अपनाते हुए समाज के सभी स्तरों पर काम करता है, ताकि मुसलमानों को ख़िलाफ़त (ख़लीफ़ा राज्य) की छत्रछाया में इस्लामी जीवन-शैली की ओर वापस लाया जा सके।
Hizb ut-Tahrir is a global Islamic political party that was established in 1953 under the leadership of its founder - the scholar, political thinker and judge in the Court of Appeals in al-Quds (Jerusalem), Taqiuddin an-Nabhani. Hizb ut-Tahrir global leadership is currently headed by Ata’ abu Rishta. In the Muslim world, Hizb ut-Tahrir works at all levels of society to bring the Muslims back to living an Islamic way of life under the shade of the Khilafah (Caliphate) State following an exclusively political method.
हिज़्ब उत-तहरीर उस कार्यप्रणाली को अपनाती है जो पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने मदीना में पहली इस्लामी रियासत की स्थापना के समय अपनाई थी। पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने इस्लामी रियासत की स्थापना के अपने संघर्ष को बौद्धिक और राजनीतिक कार्य तक सीमित रखा। उन्होंने यह इस्लामी रियासत बिना हिंसा का सहारा लिए स्थापित की। उन्होंने जनमत को इस्लाम के पक्ष में संगठित करने का काम किया और उस समय के राजनीतिक और बौद्धिक अभिजात वर्ग को प्रभावित करने की कोशिश की। पैगंबर मुहम्मद ﷺ और शुरुआती मुसलमानों पर अत्याचार और बहिष्कार होने के बावजूद उन्होंने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। इसलिए पार्टी मुस्लिम समाजों में इस्लामी बौद्धिक और राजनीतिक विचारों के प्रसार में सक्रिय रहती है, ताकि वहाँ मौजूद यथास्थिति को चुनौती दी जा सके। पार्टी इस्लाम को एक सम्पूर्ण जीवन-पद्धति के रूप में प्रस्तुत करती है, जो राज्य और समाज के मामलों का प्रबंधन करने में सक्षम है। पार्टी राजनीतिक घटनाओं पर अपने विचार भी रखती है और उनका इस्लामी दृष्टिकोण से विश्लेषण करती है।