5.9 कर्मचारी कौन है?
5.9 Who is the Employee?
इस्लामी शरीअत कर्मचारी (employee) को हर उस व्यक्ति के रूप में परिभाषित करती है जो वेतन के बदले काम करता है, चाहे नियोक्ता कोई व्यक्ति हो, कोई समूह हो या कोई राज्य। इस प्रकार कर्मचारी शब्द उस हर व्यक्ति पर लागू होता है जो किसी भी प्रकार का काम करता है।
The Islamic Shar’a defines the employee as every person who works for a wage, whether the employer is an individual, or a group, or a State. So the term employee applies to everyone who works in any type of work,
राज्य के कर्मचारी और दूसरों के कर्मचारी के बीच शरई हुक्म में कोई अंतर नहीं है। अतः राज्य के कर्मचारी, समूह के कर्मचारी और व्यक्ति के कर्मचारी, इन सबमें से हर एक मज़दूर है, और मज़दूरी के नियम उन पर लागू होते हैं। दूसरे शब्दों में, इन सबमें से हर एक कर्मचारी है और नौकरी पर रखने के नियम उन पर लागू होते हैं। इसलिए किसान कर्मचारी है, नौकर कर्मचारी है, कारखानों के मज़दूर कर्मचारी हैं, व्यापारियों के क्लर्क कर्मचारी हैं, सरकारी अधिकारी कर्मचारी हैं, और इनमें से हर एक मज़दूर है। यह इसलिए है क्योंकि नौकरी पर रखने का अनुबंध संपत्ति के लाभ, कार्य के लाभ या व्यक्ति के लाभ पर होता है। यदि इसे संपत्ति के लाभ पर लागू किया जाए, तो कर्मचारी का विषय इसमें शामिल नहीं होता, क्योंकि उसका उससे कोई संबंध नहीं है। यदि इसे कार्य के लाभ पर लागू किया जाए, जैसे कुछ कामों के लिए कारीगरों को रखना, या इसे व्यक्ति के लाभ पर लागू किया जाए, जैसे नौकरों और मज़दूरों को रखना, तो ये कर्मचारी से संबंधित होते हैं, और नौकरी का विषय इन्हीं पर लागू होता है।