10.1 गवर्नरों की नियुक्ति और बर्खास्तगी
10.1 The appointment and dismissal of the Governors
वुलाह की नियुक्ति ख़लीफ़ा करता है, जबकि आमिलीन की नियुक्ति ख़लीफ़ा करता है और यदि उन्हें ऐसा करने का अधिकार सौंपा गया हो तो वुलाह भी करते हैं। वुलाह और आमिलीन के लिए आवश्यक शर्तें वही हैं जो सहायकों (मुआविनीन) की हैं। वे मुसलमान, पुरुष, स्वतंत्र, बालिग़, समझदार और न्यायप्रिय होने चाहिए, तथा अपने कार्य के लिए सक्षम होने चाहिए, और उन्हें धर्मपरायण और प्रभावशाली मुसलमानों में से चुना जाना चाहिए।
The Wulah are appointed by the Khaleefah, whereas the ‘Aamileen are appointed by the Khaleefah and by the Wulah if they are delegated to do so. The conditions required for the Wulah and ‘Aamileen are the same as those of the Assistants. They should be Muslim, male, free, mature, sane and just, as well as competent in their task, and they should be chosen from among the pious and the influential Muslims.
यह अल्लाह के रसूल (ﷺ) ही थे जो वुलाह (गवर्नरों) और देशों के अमीरों (शासकों) को नियुक्त करते थे। वे (SWT) पूरे विलायत पर नियुक्त करते थे, जैसा कि अम्र इब्नु हज़्म के मामले में हुआ जब उन्हें पूरे यमन पर नियुक्त किया गया। कुछ मामलों में, नबी (ﷺ) किसी वाली को विलायत के एक हिस्से पर नियुक्त करते थे, जैसा कि मुआज़ बिन जबल और अबू मूसा के साथ हुआ। नबी (ﷺ) ने उनमें से हर एक को यमन के एक अलग हिस्से में भेजा, हर हिस्सा दूसरे से स्वतंत्र था, और उन्होंने उनसे कहा: