प्रश्न 108: क़ब्र की परीक्षा और उसकी नेमत या यातना का सत्य होना, क़ुरआन-ए-करीम से किस प्रमाण के द्वारा साबित होता है?
Q 108: What is the textual proof from the Glorious Qur'an that the trial of the grave and its blessing or torment is a truth?
A--- अल्लाह सर्वशक्तिमान फ़रमाता है: {हरगिज़ नहीं! यह तो बस एक बात है जो वह कह रहा है; और उनके आगे बरज़ख़ (एक रुकावट) है उस दिन तक जब वे पुनर्जीवित किए जाएँगे}। (अल-मुअमिनून, 100)
A--- Allah the Almighty says: {No! It is but a word that he speak; and behind them is Barzakh (a barrier) until the Day when they will be resurrected}. (Al-Mu'minun, 100)
अल्लाह तआला फ़रमाता है: {तो अल्लाह ने उसे उन बुराइयों से बचा लिया जो उन्होंने उसके विरुद्ध रचीं, और फ़िरऔन के लोगों को बुरी यातना ने घेर लिया। आग है, जिसके सामने वे सुबह और शाम पेश किए जाते हैं। और जिस दिन क़यामत क़ायम होगी (उस दिन फ़रिश्तों से कहा जाएगा): "फ़िरऔन के लोगों को सख़्त से सख़्त यातना में दाख़िल करो!"}। (ग़ाफ़िर, 45, 46)