प्रश्न 190: सभी गुनाह - बड़े और छोटे - किस तरह मिटाए जा सकते हैं?
Q 190: How can all sins - Major and Minor – be expiated?
A ---सच्ची तौबा (पश्चाताप) के द्वारा हर प्रकार के गुनाह मिटाए जा सकते हैं। अल्लाह सर्वशक्तिमान फ़रमाता है: {ऐ ईमान वालो! अल्लाह की तरफ़ सच्चे पश्चाताप के साथ लौट आओ! हो सकता है कि तुम्हारा रब तुम्हारे गुनाह तुमसे दूर कर दे और तुम्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करे जिनके नीचे नहरें बहती हैं (जन्नत)}। (अत-तहरीम, 8)
A ---All sorts of sins can be expiated through sincere repentance. Allah the Almighty says: {O you who believe! Turn to Allah with sincere repentance! It may be that your Lord will expiate from you your sins, and admit you into Gardens under which rivers flow (Paradise)}. (At-Tahrim, 8)
अल्लाह तआला फ़रमाता है: {सिवाय उन लोगों के जो तौबा करें और ईमान लाएँ (इस्लामी तौहीद पर), और नेक अमल करें, तो ऐसे लोगों के गुनाहों को अल्लाह नेकियों में बदल देगा, और अल्लाह बहुत बख़्शने वाला, अत्यंत दयावान है}। (अल-फ़ुरक़ान, 70)