जिन्नों की ओर से उनकी मृत्यु पर प्रतिक्रिया
Reaction To His Death On The Part Of The Jinns
[अल-मरूधी:] मैंने यह तरसूस के एक व्यक्ति से सुना। 88.1
[Al-Marrūdhī:] I heard this from a man in Tarsus. 88.1
"मैं यमन से हूँ, और मेरी एक बेटी है जिस पर जिन्न का असर था। मैंने कुछ रुक़्या करने वालों को बुलाया जिन्होंने उसके जिन्न को निकाल दिया और उससे वादा लिया कि वह फिर वापस नहीं आएगा। लेकिन एक साल बाद वह वापस आ गया।"
“I’m from Yemen, and I have a daughter who was possessed. I brought in some exorcists who drove out her jinni and made it promise not to return. But then a year later it came back.
"क्या तुमने वादा नहीं किया था कि वापस नहीं आओगे?" मैंने पूछा।
“‘Didn’t you promise not to come back?’ I asked.
"मैंने किया," जिन्न ने कहा। "लेकिन अहमद इब्न हंबल नाम के एक व्यक्ति का इराक़ में निधन हो गया है, और सभी जिन्न—सिवाय शैतानों के, जैसे मैं—उनकी नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ने चले गए हैं। पर मैं फिर कभी नहीं लौटूँगा।" वह कभी वापस नहीं आया। यह क़िस्सा हम तक एक और रिवायत में भी पहुँचा है।