अनुच्छेद 106
Article 106
प्रांतीय परिषदों के सदस्य अपने-अपने प्रांत के लोगों द्वारा सीधे चुने जाते हैं, और किसी भी प्रांतीय परिषद के सदस्यों की संख्या ऐसे प्रांत की आबादी का राज्य की कुल जनसंख्या से अनुपात के आधार पर तय की जाती है।
The members of the Provincial Councils are directly elected by the people in their provinces, and the number of members of any Provincial Councils is decided according to the ratio of the inhabitants in such province to the whole population of the State.
उम्मत काउंसिल के सदस्य प्रांतीय काउंसिलों द्वारा सीधे चुने जाते हैं। उम्मत काउंसिल के कार्यकाल का आरंभ और अंत वही होता है जो प्रांतीय काउंसिलों का है। उम्मत काउंसिल के सदस्य चुने जाते हैं, नियुक्त नहीं किए जाते। वे जनता की राय को आवाज़ देने के लिए जनता के प्रतिनिधि हैं, और प्रतिनिधि को उन लोगों द्वारा चुना जाना चाहिए जिनका वह प्रतिनिधित्व करता है, और उन पर कभी थोपा नहीं जाना चाहिए। इसके अलावा, उम्मत काउंसिल के सदस्य लोगों की राय के प्रतिनिधि हैं, चाहे वे व्यक्ति हों या समूह; इसलिए किसी बड़े क्षेत्र के लोगों के प्रतिनिधि को, और उन लोगों को जो बहुत प्रसिद्ध नहीं हैं, जानना तब तक संभव नहीं जब तक यह प्रतिनिधि उनके द्वारा न चुना गया हो। साथ ही, अल्लाह के रसूल ﷺ ने जिन लोगों से परामर्श किया, उन्हें उनकी योग्यता, क्षमता और व्यक्तित्व के आधार पर नहीं चुना; बल्कि उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वे अपनी कौम के सरदार थे, उनकी योग्यता और क्षमता चाहे जो भी हो। अल-'अक़बा की दूसरी बैअत में जिन मुसलमानों ने उनसे बैअत की, वे उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते थे, और इसी कारण उन्होंने सरदारों के चुनाव का मामला उन्हीं पर छोड़ दिया, यह कहते हुए: