अनुच्छेद 50
Article 50
कार्यकारी सहायक एक मुसलमान पुरुष होना चाहिए, क्योंकि वह ख़लीफ़ा के निकटतम सहयोगियों में से है।
The excecutive assistant should be a Muslim man, since he is from the close associates of the Khalifah.
कार्यकारी सहायक सीधे ख़लीफ़ा से जुड़ा होता है, जैसे प्रत्यायोजित सहायक (मुआविन), और वह ख़लीफ़ा के निकटतम सहयोगियों में से होता है। उसका कार्य शासक (ख़लीफ़ा) से संलग्न होता है, और उसके कार्य की प्रकृति ऐसी है कि ख़लीफ़ा दिन या रात के किसी भी समय उसे बुला सकता है और उससे अलग से मिल सकता है, जो शरीअत के नियमों के अनुसार स्त्री की परिस्थितियों के अनुकूल नहीं है। इसलिए, सहायक पुरुष होना चाहिए।
The executive assistant is directly connected to the Khalifah, like the delegated assistant, and is from the close associates of the Khalifah. His work is attached to the ruler (the Khalifah), and his work necessitates that he could be pursued by the Khalifah and meet with him separately at any time of the night or day, which means that it is not suitable with the circumstances of a woman in terms of the Shari’ah rules. Therefore, the assistant should be a man.
इसी तरह, कार्यकारी सहायक (मुआविन-ए-तनफ़ीज़ी) का गैर-मुस्लिम होना जायज़ नहीं है, बल्कि उसका मुसलमान होना अनिवार्य है, क्योंकि वह ख़लीफ़ा के निकटवर्ती लोगों में से है – अल्लाह (सुब्हानहु व तआला) के इस फ़रमान की वजह से: "ऐ ईमान वालो, अपने सिवा दूसरों को अपना राज़दार न बनाओ, वे तुम्हें नुक़सान पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। वे चाहते हैं कि तुम तकलीफ़ में पड़ो। उनकी दुश्मनी उनके मुँह से ज़ाहिर हो चुकी है, और जो कुछ उनके सीनों में छुपा है वह उससे भी बड़ा है" (सूरह आल-इमरान, 3:118)। इस आयत में ख़लीफ़ा का गैर-मुस्लिमों को अपने निकटवर्ती बनाने की मनाही स्पष्ट है, इसलिए कार्यकारी सहायक का गैर-मुस्लिम होना जायज़ नहीं है। बल्कि, ख़लीफ़ा से उसके सीधे संबंध और उसके उससे अलग न होने की वजह से, जैसा कि प्रतिनिधि सहायक (मुआविन-ए-मुफ़व्वज़) के मामले में है, उसका मुसलमान होना अनिवार्य है। ज़रूरत और उस काम के अनुसार, जो ख़लीफ़ा और दूसरों के बीच संपर्क के लिए अपेक्षित हो, एक से अधिक कार्यकारी सहायक रखना जायज़ है।