अनुच्छेद 53
Article 53
ख़लीफ़ा गवर्नरों की नियुक्ति करता है। ’उम्माल (कर्मचारी) की नियुक्ति ख़लीफ़ा करता है, और यदि गवर्नरों को यह अधिकार सौंपा गया हो तो गवर्नर भी उनकी नियुक्ति करते हैं। गवर्नर और ’उम्माल की शर्तें वही हैं जो सहायकों के लिए हैं, इसलिए यह अनिवार्य है कि वे स्वतंत्र, न्यायप्रिय, मुसलमान, वयस्क पुरुष हों, उन लोगों में से हों जिनमें वह काम करने की क्षमता हो जो उन्हें सौंपा गया है, और उन्हें तक़वा (ईश्वर-भय) और सामर्थ्य रखने वाले लोगों में से चुना जाए।
The Khalifah appoints the governors. The ’Ummal (workers) are appointed by the Khalifah and by the governors if they have been delegated that power. The preconditions of the governor and ’Ummal are the same as the conditions for the assistants, so it is imperative that they are free, just, Muslim, adult men and are from the people who have the capability to do what they are assigned to, and they are chosen from the people of Taqwa (God fearing) and power.
इस लेख का प्रमाण पैगंबर ﷺ और उनके बाद के साथियों के कर्म में है। पैगंबर ﷺ देशों के शासकों या नेताओं को अधिकार सौंपने (नियुक्ति) का कार्य करते थे, और उन्हें पूर्ण शासन-सत्ता दे देते थे, जैसा कि अम्र बिन हज़्म के साथ हुआ, जो पूरे यमन के शासक थे। इसी प्रकार पैगंबर ﷺ कभी-कभी किसी को शासन की ज़िम्मेदारियों के एक भाग का अधिकार भी सौंपते थे, जैसा कि मुआज़ बिन जबल और अबू मूसा के साथ हुआ, जिन्हें यमन के अलग-अलग, एक-दूसरे से स्वतंत्र प्रांतों में भेजा गया, और उनसे कहा गया।