क़ियास (सादृश्य अनुमान) के तर्जीह (प्राथमिकता देने) से संबंधित सिद्धांत
Principles Related To The Tarjeeh (outweighing) Of Al-aqyisah (analogies)
दो क़ियास एक-दूसरे से टकरा सकते हैं, इस रूप में कि किसी एक वास्तविकता (वाक़िअ) पर उनके हुक्म के संबंध में विरोध हो। उदाहरण के लिए, जब एक वास्तविकता पर पहला हुक्म, जो क़ियास से निकाला गया है, वाजिब हो, जबकि उसी वास्तविकता पर दूसरा हुक्म, जो किसी अन्य नस (पाठ) से क़ियास द्वारा निकाला गया है, हराम हो। ऐसी स्थिति या परिस्थिति में मुज्तहिद को एक को दूसरे पर प्राथमिकता देनी (तर्जीह देनी) पड़ती है।
Two Qiyaas(s) could conflict with each other in respect to the Hukm upon a reality where for instance the first Hukm deduced by Qiyaas upon this reality is Waajib, whilst the second Hukm deduced also by Qiyaas from another text is Haraam. At such a time or circumstance the Mujtahid needs to outweigh one over the other.
कियास (क़ियास / अनुमान) के टकराव में प्राथमिकता देने के सिद्धांतों में से ये हैं: