अल-हुक्म अश-शरई के अक़साम (प्रकार)
The Aqsaam (categories) Of Al-hukm Ash-shar’iy
शरई हुक्म (अल-हुक्म अश-शरई) दो श्रेणियों में बँटा है: अल-हुक्म अश-शरई अत-तकलीफ़ी और अल-हुक्म अश-शरई अल-वज़ई।
The Hukm Ash-Shar’iy is divided into two categories: Al-Hukm Ash-Shar’iy At-Takleefiy and Al-Hukm Ash-Shar’iy Al-Wad’iy.
शरई हुक्म अत-तकलीफ़ी:
Al-Hukm Ash-Shar’iy At-Takleefiy:
अल-हुक्म अश-शरई अत-तकलीफ़ी वह संबोधन है जो अश-शारिʿ (विधायक) की ओर से, इबाद (बंदों/लोगों) के कर्मों से संबंधित होता है, बाध्यकारी रूप में (बिल-इक़्तिदा) या विकल्प के रूप में (अत-तख़ईर)।
Al-Hukm Ash-Shar’iy At-Takleefiy is the address of Ash-Shaari’ (The Legislator) related to the actions of the ‘Ibaad (slaves/people) B-il-Iqtidaa’ or At-Takhyeer.
इस हुक्म को तकलीफ़ी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें इंसान पर तकलीफ़ (क़ानूनी ज़िम्मेदारी का दायित्व) होती है, जो या तो किसी काम को करने की तलब (माँग) के रूप में होती है, या किसी काम को छोड़ने की तलब के रूप में, या फिर काम करने और उसे छोड़ने के बीच तख़yeer (इख़्तियार) की व्यवस्था के रूप में।