उसूल अल-फ़िक़्ह में वे सबसे महत्वपूर्ण किताबें जिन्होंने मुतकल्लिमीन और फ़ुक़हा, इन दोनों तरीक़ों को जोड़ा।
The most significant books that combined the two methods of the Mutakallimeen and the Fuqahaa in Usool ul-Fiqh
1) पुस्तक: ‘बदीउन-निज़ाम’, जिसमें अल-बज़दावी अल-हनफ़ी और अल-आमदी अश-शाफ़िई के उसूल को एकत्र किया गया है। ‘बदीउन-निज़ाम’ के लेखक अल-इमाम अल-मुज़फ़्फ़र उद-दीन अहमद अल-बा’लबकी अल-हनफ़ी थे, जो ‘अस-साआती’ के नाम से जाने जाते थे, और उनका देहांत हिजरी सन् 694 में हुआ।
1) The book: ‘Badee’ An-Nizhaam’ which combined the Usool of Al Bazdawiy Al-Hanafiy and the Usool of Al-Aamady Ash-Shaafi’iy. The author of ‘Badee’ An-Nizhaam’ was Al-Imaam Al-Muzhafir ud-Deen Ahmad Al-Ba’labakiy Al-Hanafiy who was known as ‘As-Saa’aatiy’ and passed away in the year 694 AH.
2) 'अत-तंक़ीह', जिसे अल-क़ाज़ी सदर उश-शरीअ'ह 'उबैदुल्लाह अल-बुख़ारी अल-हनफ़ी ने लिखा, जिनका निधन 747 हिजरी में हुआ, और यह किताब दोनों तरीक़ों पर लिखी गई कई किताबों का सार प्रस्तुत करती है।